Storage Device क्या हैं? [Types of Storage Device in Hindi]

Storage Device क्या हैं? [Types of Storage Device in Hindi]


Storage Device क्या हैं?

Storage Device वह डिवाइस है जिसकी सहायता से computer में data व information स्टोर होते हैं। इस प्रकार हम कह सकते हैं इनपुट device से जो भी data इंटर करते हैं तथा processing के बाद जो भी परिणाम प्राप्त होता है वह सब memory में store होता है। computer की मेमोरी में store डेटा बहुत ही सुरक्षित होता है। इसे लंबे समय तक store करके रख सकते हैं और कभी भी जरूरत पड़ने पर जिस प्रकार पहले था उसी प्रकार कभी भी प्राप्त किया जा सकता है।

Storage Device में store किया गया डाटा 0 से 1 के रूप में परिवर्तन होता है। 0 तथा 1 को संयुक्त रूप से Binary Digit (Bit) कहा जाता है। यह bit कंप्यूटर की memory को मापने की सबसे छोटी इकाई होती है। 8 bit मिलकर 1 Byte बनते हैं जो एक character (Latter, Digit, Symbol) को store करने के लिए आवश्यक memory होता है।


Memory size or Measurement Units:
0,1 = Binary Digit (Bit)
4 Bits = 1 Nibble
8 Bits = 1 Bytes
1024 Bytes = 1 Kilobyte (1KB)
1024 KB = 1 Megabyte (1MB)
1024 MB = 1 Gigabyte (1GB)
1024 GB = 1 Terabyte (1TB)

Storage Device in Hindi:

Computer में अलग-अलग प्रकार के storage devices होते हैं storage के एक से अधिक प्रकारों में होने की मुख्य वजह उनका Devices जल्दी से जल्दी data को पहुचने का होता है जिससे Computer की processing speed को बढ़ाया जा सके। जैसे processor को जब processing का कार्य कर रहा होता है तो processing तीव्रता से हो इसके लिए आवश्यक है कि उसे बिना देरी के data उपलब्ध कराया जाए, इसके लिए आवश्यक है कि उसे बिना देरी के data उपलब्ध कराया जाए, इसलिए processor के साथ एक छोटी सी memory unit भी होती है जिसे register या cache memory कहते हैं। इसी प्रकार main memory, auxiliary memory इत्यादि होते हैं जो अलग-अलग आकर, प्रकार एवं क्षमता में होते हैं। इसे हम इनके प्रकारो के माध्यम से अच्छे से समझ सकते है:

Storage Device क्या हैं

Types of  Storage Devices (स्टोरेज डिवाइस के प्रकार):

Computer में अलग-अलग उद्देश्य ले लिए अलग-अलग प्रकार के Storage Device का उपयोग होता है। इसमे प्रयोग Storage Device को निम्नलिखित प्रकारों में विभाजित किया जा सकता है:
  1. Primary Storage Device: RAM, ROM.
  2. Secondary Storage Device: Hard disk, Floppy disk, Optical disk, Magnetic tape, Pen drive, SD card.
  3. Cache Memory/Storage: L1 Cache. L2 Cache, L3 Cache.
  4. Register Memory/Storage: MAR, MBR, IR, AR, PCR, I/O P.

Primary Storage Device क्या है?

Primary Storage Device कंप्यूटर का Main Memory होता है और इसे Main Memory भी कहा जाता है जहाँ डेटा व निर्देश processing के दौरान store रहते हैं। इसमें store डेटा व निर्देशों को आवश्यकता पड़ने पर processor तुरंत प्राप्त कर सकता है। यह अस्थाई (Temporary) memory होती है क्योंकि इसमें store डेटा computer बंद होने या बिजली के जाने पर delete हो जाता हैं। Primary Storage Device मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं:

Primery Storage Device के प्रकार:

(1) RAM (Random Access Memory)
RAM या Random Access Memory computer की अस्थाई मेमोरी (Temporary Memory) होती है। key-board या अन्य किसी इनपुट डिवाइस से input किया गया डेटा processing से पहले RAM में ही संग्रहित किया जाता है और CPU की सहायता से आवश्यकता के अनुसार प्राप्त किया जा सकता है। 

RAM में data या program अस्थाई रूप से संग्रहित रहता है Computer बंद हो जाने या बिजली चले जाने पर RAM में संग्रहित Data मिट जाता है। इसलिए RAM को Volatile या Temporary memory कहते हैं। RAM की क्षमता या आकर कई प्रकार के होते हैं जैसे कि 1GB, 2GB, 4GB आदि। यह RAM Memory निम्न दो प्रकार की होती है:

(A) Dynamic RAM:
Dynamic RAM को संक्षिप्त में DRAM कहा जाता है। RAM में सबसे साधारण DRAM है। इसे जल्दी Refresh करने की आवश्यकता पड़ती है। Refresh का अर्थ यहाँ पर चिप को विधुत आवेशित करना होता है। यह 1 second में लगभग हजारो बार refresh होता है और प्रत्येक बार refresh होने के कारण यह पहले के data को मिटाकर वापस लाता है। इसके जल्दी जल्दी refresh होने के कारण इसकी गति (speed) कम होती है।

(B) Static RAM
Static RAM ऐसे RAM है जो कम refresh होते हैं। कम refresh होने के कारण यह Data को memory में अधिक समय थ रखता है। DRAM की अपेक्षा SRAM का प्रयोग विशेष कम्प्यूटरों में किया जाता है। SRAM को cache memory के रूप में प्रयोग किया जाता है। इसकी Storage क्षमता DRAM के मुकाबले कम होती है।
RAM Memory Device



(2). ROM (Read Only Memory)
ROM का पूरा नाम Read only memory होता है। यह स्थाई memory (permanent memory) होती है। जिससे computer के निर्माण के समय program store कर दिए जाते हैं। इसमें समान्यतः BIOS नाम का program store होता है जो Computer को चालू करने का कार्य करता है। 

इस memory में store program को परिवर्तित और नष्ट नही किये जा सकते हैं उन्हें केवल पढ़ा जा सकता है। इसलिए यह memory Read only memory कहलाती है। Computer का switch Off होने के बाद भो ROM में संग्रहित data नष्ट नही होता है। अतः ROM Non-Volatile या स्थाई Memory कहलाती है। यह ROM Memory के विभिन्न प्रकार होते हैं जो निम्नलिखित है:

(A) PROM (Programmable Read Only Memory)
PROM का पूरा नाम Programmable Read Only Memory होती है। यह एक ऐसा memory होता है जिसमे एक बाद program संग्रहित होने के बाद इसे मिटाया नही जा सकता और न ही परिवर्तन किया जा सकता है। इस प्रकार हम खाली PROM बाजार से खरीद सकते हैं और उसमें अपने अनुसार केवल एक बार program डाल सकते हैं जो स्थाई होता है।

(B) EPROM (Erasable Programmable Read Only Memory)
इसका पूरा नाम Erasable Programmable Read Only Memory होती है। यह बिल्कुल पूरी तरह PROM की तरह ही होती है परंतु इसमे संग्रहित program को पराबैगनी किरणों (Ultraviolet rays) की सहायता से मिटा सकते है और नए program पुनः संग्रहित (Store) किये जा सकते हैं। इस प्रकार EPROM में बार-बार program डाल कर मिटाया जा सकता है।

(C) EEPROM (Electrical Programmable Read Only Memory) 
EEPROM का पूरा नाम Electrical Programmable Read Only Memory होती है। यह EPROM की तरह ही होती है किंतु इसमें memory से program को पराबैगनी किरणों से न मिटाकर विधुतीय विधि की सहायता से मिटाया जाता है। इस प्रकार EEPROM में भी बार बार program डालकर इसे मिटाया जा सकता है।

(D)EAPROM (Electrically Alterable Erasable Programmable Read Only Memory):
इसका पूरा नाम Electrically Alterable Erasable Programmable Read Only Memory होती है। इसमें संग्रहित सूचनाओं को बदला जा सकता है।
ROM Memory Device

Secondary Storage Device क्या है? 

Secondary Storage Device को Auxiliary, External या Permanent storage device भी कहा जाता है इसमें जो data store किया जाता है वह स्थाई होता है अर्थात computer बंद होने के बाद भी data मिटता नही है store रहता है वर्तमान में इस प्रकार के memory का उपयोग बहुत बड़ी संख्या में किया जाता है जिसमें सबसे प्रसिद्ध memory card एवं pen drive है। 
इस प्रकार इसका प्रयोग करके data को भविष्य में उपयोग के लिए store किया जाता है।Secondary Storage Device में data फ़ाइल के रूप में save होता है जिसका एक नाम होता है। Secondary मेमोरी की क्षमता अधिक होता है इसमें primary memory की अपेक्षा कई गुना अधिक data store करके रख सकते हैं। Secondary Storage Device निम्नलिखित प्रकार की होती है:

Secondary Storage Device के प्रकार:

(1) Hard Disk
यह कंप्यूटर का सबसे प्रमुख Storage Device होती है क्योकि इसी device में computer में चलने वाले समस्त programs को install करके रखा जाता है और Hard Disk, computer में data store करने के लिए सबसे प्रचलित Secondary Memory है। सभी computer में कई और सेकेंडरी स्टोरेज हो या न हो एक Hard disk जरूर लगा होता है। Hard Disk में एल्युमिनियम के बने एक या एक से अधिक पतले disk होते हैं जिसमें चुम्बकीय पदार्थ आयरन आक्साइड की परत चढ़ी होती है। सारे disk एक मजबूत पैकेट के अंदर soft में लगे होते हैं। 

प्रत्येक disk में data Read/Write करने के लिए  एक Read/Write हेड होता है। जब भी data को Read/Write करना होता है Disk तेजी से घूमता है और इनके घूमने की गति को Revolutions Per Minute (RPM) से माप जा सकता है। Disk जितने तेज गति से घूमते है Read/Write भी उतना ही fast होता है। Example के लिए 7200 RPM वाले hard disk 5400 RPM वाले hard disk से ज्यादा तेज होता है। Hard Disk में Disk Track में बंटे होते हैं और प्रत्येक Track में भी छोटा-छोटा Sector होते हैं। एक Sector में 512 Byte data store होता है। Hard Disk निम्नलिखित दो प्रकार के होते हैं:

  1. Internal Hard Disk
  2. External Hard Disk

Hard disk Memory Device

(2) Floppy Disk
Floppy Disk को Diskette भी कहा जाता है। यह plastic का disk प्लेट होता है यह छोटी एवं इसकी disk flexible धातु से बनी होती है जिसमे आयरन ऑक्साइड की परत चढ़ी होती है। Disk बहुत लचीली प्लास्टिक की बनी होती है इसलिए इसे Floppy Disk कहते हैं। इसके ऊपर एक कवर प्लास्टिक का लगा होता है जिसे जैकेट कहा जाता है। Floppy के बीचों-बीच एक point बना होता है जिससे इस Drive की Disk घूमती है। यह 360 RPM Per Minute की दर से घूमती है। 

Floppy Disk में 80 data track होते हैं और प्रत्येक track में 64 शब्द store किये जा सकते हैं। Floppy Disk में बहुत कम Data Store किया जा सकता है तथा यह धीमा भी कार्य करता है। यही कारण है कि वर्तमान में Hard disk ने Floppy Disk को पूरी की पूरी तरह से Replace कर दिया है। size को देखते हुए Floppy निम्नलिखित दो प्रकार के होते हैं:

  1. Mini Floppy Disk (1.25 Diameter)
  2. Micro Floppy Disk (1.50 Diameter)
Floppy disk Memory Device

(3) Optical Disk
Optical Disk एक चपटा, वृत्ताकार पॉलीकार्बोनेट Disk होता है। Optical technology में laser beam के माध्यम से data को read/write किया जाता है। इस पर data एक समतल सतह के अंदर Pits के रूप में स्टोर किया जाता है। Pits को Bumps भी कहा जा सकता है जो वास्तव में CD की सतह पर बने बारीक छोटे-छोटे गड्ढे होते हैं ये इतने छोटे है कि ये हमारे द्वारा नही देखा जा सकता है। Optical Disk में data को प्रकाश किरण की सहायता से store किया जाता है। Optical Disk निम्नलिखित दो प्रकार की होती है:
(a).CD  (b).DVD
Optical Disk Memory Device

(4). Magnetic Tape
यह Magnetic Tape एक plastic का पतला Tape होता है जिस पर आयरन या क्रोमियम ऑक्साइड की परत होती है। इसकी चौड़ाई 1/2 या फिर 1/4 इंच होती है तथा लंबाई 50 से 240 फिट तक हो सकती है जो एक प्रकार के कैसेट के अंदर लिपटी हुई होती है। यह बाकी सभी Storage Device से भिन्न प्रकार की होती है। बाकी सभी storage device सभी Random Access को सपोर्ट करते हैं और यह magnetic tape एक Sequential Access को सपोर्ट करता है इसका मतलब यह होता है कि इसमे data एक बाद एक प्रयोग होते जाता है हम अपने द्वारा चाहे गए data को सीधे सीधे बीच से प्रयोग नही कर सकते है। 

Example के लिए यदि कोई चुम्बकीय टेप में 60 गाने स्टोर है उसमें हमे 20 गाने को सुनना है तब हमें उसके पहले 19 गाने को सुनने पड़ेंगे उसके बाद ही 20 गाना सुना जा सकता है। यह टेप छोटे छोटे stack में विभाजित होते हैं यह 9 या 18 हो सकते हैं तथा इसकी Density 6250 या 5800 character per inch होती है। चुम्बकीय टेप data को store करने का सस्ता साधन है। वर्तमान में इसका प्रयोग लगभग नही के बराबर किया जाता है लेकिन अभी भी कई जगहों पर data को Backup के रूप रखने के लिए उपयोग करते है। यह मेमोरी निम्न प्रकार से दिखाई देती है:

Magnetic Tape Memory Device

(5) Pen Drive
पेन ड्राइव को Flash Drive के नाम से भी जाना जाता है इसे  वर्तमान समय मे सबसे प्रसिद्ध Storage Device मान सकते हैं। आज कल data store करने के लिए Pen Drive का उपयोग बहुत ज्यादा किया जाता है। यह एक प्रकार से external device होता है जिसको USB की सहायता से Computer से कनेक्ट कर अलग से लगाया जा सकता है। इसव हम जब चाहे तब Computer में लगा सकते हैं और निकला भी जा सकता है। इसका size बहुत ही छोटा होता है जिससे कि हम इसे पॉकेट या जेम में भी आसानी रखा जा सकता है और साथ ही साथ कही भी लाया लेजाया जा सकता है। 

यह सभी प्रकार के Memory Device में से यह सबसे portable कह सकते हैं। आज के समय मे pen drive का प्रयोग computer के अलावा mobile में प्रयोग किये जा रहे हैं यह एक plug or play device होता है जिसे computer या mobile में connect कर चलाया जा सकता है। इसकी storage क्षमता 1GB, 2GB, 4GB, 8GB, 16GB, 32GB और 64GB या उससे अधिक हो सकती है। यह मेमोरी निम्न प्रकार से दिखाई देती है:

Pen drive Memory Device

(6) SD Card
इसका पूरा नाम Secure Digital Card होता है और इसे Memory Card के नाम से भी जानते हैं। इसका प्रयोग सभी प्रकार के Mobile Device में data को store करके रखने के लिए किया जाता है। इसे card reader की सहायता से Computer में भी प्रयोग किया जा सकता है।। SD card से मिलता हुआ एक और card जिसे Multimedia Memory Card (MMC) के नाम से जानते हैं किंतु दोनों कुछ अंतर होता है। SD card एक Flash Memory फॉर्मेट होता है जबकि MMC card एक Flash Memory standerd है। 

SD card भी वर्तमान में अपने storage क्षमता के अनुसार तीन प्रकार के उपलब्ध होते हैं जो SDSC, SDHC व SDXC कहा जाता है। SDSC की storage क्षमता सबसे कम 128MB से 4GB तक होती है इनके बीच SDHC आती है जिनकी storage क्षमता 4GB से 32GB तक कि होती है और last में SDXC आता है जिनकी storage सहमत सबसे अधिक 64GB से 2TB तक कि होती है यह मेमोरी निम्न प्रकार से दिखाई देती है:

SD Card Memory Device


Cache Memory क्या हैं? 

Cache memory, Computer system के CPU (Center Processing Unite) के अंतर्गत एक separate clip के रूप में होता है। यह बहुत तेज गति से कार्य करने वाला मेमोरी होता है। CPU के द्वारा इस memory का प्रयोग प्रोग्राम को run करते समय दिए गए निर्देशों या दिए जाने वाले निर्देशों में से उन निर्देश को रखने के लिए करते हैं जो बार बार repeat होता है। Cache memory के प्रयोग करने का मुख्य कारण processing speed को बढ़ाना होता है। Cache Memory को निम्न प्रकार में विभाजित किया गया है:

Cache Memory के प्रकार:

L1 Cache : इस cache को onboard, internal एवं primary cache कैश के नाम से जाना जाता है। यह CPU में ही पहले से उपस्थित होता है L1 कैश की गति सबसे अधिक होती है और आकार में सबसे कम 8KB से 128KB तक होती है।

L2 Cache : इस कैश को External अथवा Secondary  कैश के नाम से भी जाना जाता है। यह L1 की तरह CPU में पहले से उपस्थित न होकर यह Motherboard में एक अलग chip के रूप में उपस्थित रहता है। इसका आकार 128KB से 1MB तक होता है।

L3 Cache: इस कैश का उपयोग समान्यतः उच्च क्षमता वाले कंप्यूटर में किया जाता है। यह भी motherboard में उपस्थित होते हैं। L3 कैश की गति सबसे कम होती है और इसका आकार सबसे अधिक 8MB तक होती है।


Register Memory क्या हैं? 

Register Memory, computer के प्रोसेसर का एक भाग होता है जिनका कार्य तेजी के साथ प्रोसेसर को data उपलब्ध कराना होता है। Register उन data या निर्देशों को रखता है जिस पर तुरंत कार्य करना रहता है या होता है। रजिस्टर मेमोरी एक समय मे किसी डाटा के केवल एक भाग की ही रखता है। इसमें डाटा का transfer और प्राथमिक storage में डाटा in या out एक high speed operation के साथ होता है। वास्तव में रजिस्टर का आकार और रजिस्टर की संख्या कंप्यूटर की speed को निर्धारित करने में मदद करता है। Register Memory छः भागो में विभाजित किया गया है: 

Register Memory के प्रकार:

(1)Memory Address Register (MAR)
यह Register डाटा या instructor के address को रखने का काम करता है। निर्देश के execution के दौरान ही मेमोरी से data या instruction को access करने का कार्य यह Memory Address register करता है।

(2)Instruction Register (IR)
Process के दौरान किसी दिए गए समय मे केवल एक ही instruction को execute करता है। यह रजिस्टर उस instruction को control unit अर्थात नियंत्रण कक्ष में जाने से पहले संग्रहित करके रखता है।

(3)Address Register (AR)
यह register memory addressing के साथ conjunction में भी use होता है जो पहला type होता है अर्थात MAR basically किसी भी data के memory address को तब तक store करके रखा जाता है। 

(4)Accumulator (AC)
यह ALU के अंतिम processing के दौरान के रिजल्ट को स्टोर करके रखने के लिए कार्य में आता है।

(5)Program Counter (PC)
यह एक प्रकार से hardware memory device है जो कि execution के दौरान current instruction के location को दर्शने का कार्य करती है।

(6)Memory Buffer Register (MBR)
यह register, memory में आ रहे या मेमोरी से जा रहे data एवं instruction को store करके रखने का कार्य करता है।


Memory Hierarchy (Basic Idea)
Computer में अलग-अलग प्रकार के Memory होते हैं Memory के एक से अधिक प्रकारों में होने की मुख्य वजह उनका Devices जल्दी से जल्दी data को पहुचने का होता है जिससे Computer की processing speed को बढ़ाया जा सके। जैसे processor को जब processing का कार्य कर रहा होता है तो processing तीव्रता से हो इसके लिए आवश्यक है कि उसे बिना देरी के data उपलब्ध कराया जाए, इसके लिए आवश्यक है कि उसे बिना देरी के data उपलब्ध कराया जाए, इसलिए processor के साथ एक छोटी सी memory unit भी होती है जिसे register या cache memory कहते हैं। 

इसी प्रकार main memory, auxiliary memory इत्यादि होते हैं जो अलग-अलग आकर, प्रकार एवं क्षमता में होते हैं। Computer architecture में इन memory की भूमिका को समझने के लिए निम्न diagram को देखते हैं इसे memory hierarchy कहते हैं।

यहाँ hierarchy के आधार पर computer के Memory को विभाजित करके रखा गया है। इस hierarchy के top capacity में कम परन्तु तेजी से access होने वाले memory जबकि bottom में capacity में ज्यादा परन्तु access time सबसे अधिक लेने वाले memory में रखा गया है।

Register एवं cache memory processor के अंतर्गत होते हैं परंतु main memory (RAM, ROM) mother board से लगे हुए chip के रूप में होते हैं। और Auxiliary memory को motherboard से cache (Data & address bus) के द्वारा जोड़ा जाता है। Register, cache एवं main memory के data का उपयोग processor सीधे करता है परंतु उसके नीचे के memory के data को hierarchy के अनुसार नीचे से ऊपर के memory में संग्रहित करने के बाद करता है।


Auxiliary Storage  क्या हैं?
Auxiliary Memory (सहायक स्मृति) को secondary, external या permanent storage device भी कहा जाता है। वर्तमान में इस प्रकार के memory का उपयोग बहुत बड़ी संख्या में किया जाता है जिसमें सबसे प्रसिद्ध memory card एवं pen drive है। 

पूर्व में auxiliary memory एक disk (magnetic disk, compact disk, floppy disk) एवं tap (magnetic tap) के रूप में हुआ करता था, जो वर्तमान में एक integrated chip (memory chip) के रूप में उपलब्ध है जिसे memory card कहते हैं Memory card पर्व सहायक storage devices की तुलना में आकार में छोटा एवं क्षमता में काफी ज्यादा होता है। इन auxiliary storage device को access तकनीक एवं कार्य के आधार पर निम्न प्रकारों में बाँट सकते हैं:

(a) Sequential access
(b) Direct access


Storage Device क्या हैं? [Types of in Hindi]


हमने क्या-क्या जानकारियां प्राप्त की हैं:
  1. Memory/Storage Device क्या है?
  2. Primary Storage Device क्या है और उनके प्रकार: RAM, ROM.
  3. Secondary Storage Device क्या है और उनके प्रकार: Hard Disk, Floppy Disk, Optical Disk, Magnetic Tape, Pen Drive, SD Card.
  4. Cache Memory क्या है उनके प्रकार: L1 Cache, L2 Cache, L3 Cache.
  5. Register Memory क्या है और उनके प्रकार: MAR, MBR, IR, AR, PcR, I/O R.
इसके साथ बहुत सी छोटी छोटी जकारिया प्राप्त की और अगर जकारिया अच्छी लागी तो share जरूर कीजिये और comment के सहारे जरूर बताइए गया धन्यवाद।

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4 Comments

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