What is Linked List in Hindi [Types of Linked List In Hindi]

What is Linked List in Hindi [Types of Linked List in Hindi]


Linked List क्या हैं?

Linked List एक ही प्रकार के structures की श्रृंखला (chain) होती है जिन्हें node कहते हैं। इसमें प्रत्येक node के दो भाग होते हैं। पहले भाग को info field कहते हैं जिसमें data store होता है एवं दूसरे भाग को link field कहते हैं जिसमें next node का address store होता है। अतः दूसरा भाग एक pointer होता है जो linked list में next node को point करता है इसलिए इसे next pointer भी कहते हैं। हम next pointer की सहायता से ही linked list में अगले node को access करते हैं।
What is Linked List in Hindi

Types of  Linked List in Hindi:

Linked List निम्नलिखित चार प्रकार के होते हैं:
  • Singly Linked List
  • Circular Singly Linked List
  • Doubly Linked List
  • Circular Doubly Linked List

Singly Linked List in Hindi:

इस प्रकार के linked list में प्रत्येक node के दो  भाग होते हैं। पहले भाग के info field कहते हैं जिसमें data store होता है एवं दूसरे भाग को link field कहते हैं जिसमें linked list के अगले next node का address store होता है। अतः दूसरे भाग एक pointer होता है जो linked list में next node को point करता है इसलिये इसे next pointer भी कहते हैं।

इसकी शुरुआत एवं अंत मे दी विशेष pointer होता है जिन्हें क्रमशः START और NULL कहते हैं। START में पहले node का address store रहता है अर्थात START पहले node को point करता है तथा NULL में कोई भी invalid address store रहता है अर्थात NULL किसी node को point नहीं करता है। समान्यतः NULL में zero या negative value store रहता है जो linked list के अंत को सूचित करता है।

इस प्रकार  हम singly linked list का START (address of first node) ज्ञात हो तो इसकी सहायता से beginning से end की ओर traversal कर list के सभी nodes को access लिया जा सकता है। किन्तु बीच के किसी node का address ज्ञात हो तो इसकी सहायता से केवल उसके बाद के node को ही access किया जा सकता है पहले के node को नही। अतः singly linked list में केवल एक ही दिशा में traversal किया जा सकता है।
Singly Linked List


Circular Singly Linked List:

Circular singly list भी singly linked list के जैसा ही होता है। किंतु इसके अंतिम node का pointer NULL नही होता है इसके पहले node का address store रहता है। अर्थात अंतिम node का pointer पहले node को point करता है। इस प्रकार हम circular singly linked list के किसी भी node का address ज्ञात हो तो इसकी सहायता से एक दिशा में circular traversal कर list के सभी nodes को access किया जा सकता है।

Circular Singly Linked List

Doubly Linked List in Hindi:

इस प्रकार के linked list में प्रत्येक node के तीन भाग होते है। एक भाग को info field कहते हैं जिसमे data store रहता है एवं बाकी के दो भाग को link field कहते हैं जिसमे से पहले link field को back व दूसरे link field को forward कहते हैं। back linked list के previous node का address एवं forward में link list के next node का address store रहता है। 

अतः बाकी के दो भाग pointer होता है जो linked list के previous node एवं next node को point करते हैं इसलिए इन्हें previous pointer एवं next pointer भी कहते हैं किंतु इसमें दो NULL pointer होते हैं। इसके पहले node का back एवं अंतिम node का forward pointer NULL होता है जो किसी भी node को point नही करता है।

इस प्रकार हमें doubly linked list के किसी भी node का address ज्ञात हो तो इसकी सहायता से दोनों दिशाओं में beginning से end की ओर एवं end से beginning की ओर traversal कर linked list के सभी nodes को access किया जा सकता है। अतः doubly linked list में दोनों दिशाओं में traversal किया जा सकता है।
Doubly Linked List

Circular Doubly Linked List:

Circular doubly linked list भी doubly linked list की तरह ही होता है। किन्तु इसके पहले का back pointer एवं अंतिम node का forward pointer NULL नही होता है। इसमें क्रमशः अंतिम node एवं पहले node का address store रहता है अर्थात ये अंतिम node एवं पहले node को point करते हैं। 

इस प्रकार हमें circular doubly linked list के किसी भी node का address ज्ञात हो तो इसकी सहायता से दोनों दिशाओ में circular traversal कर linked list के सभी node को access किया जा सकता है।

Circular Doubly Linked List


Representation of Linked List in Memory:

माना List एक linked list है जिनके प्रत्येक node के दो भाग INFO व LINK है। START एक list pointer है जो LIST के पहले node को point करता है AVAIL एक empty pointer है जो LIST के सबसे पहले खाली node को point करता है। अब यदि NULL के स्थान पर 0 का प्रयोग करते तो LIST को memory में निम्नलिखित प्रकार के प्रदर्शित किया जा सकता है:
Representation of Linked List in Memory

Note:
Underflow: यह तब होता है जब START=NULL हो और हमे deletion करना हो अर्थात linked list खाली हो।
Overflow: यह तब होता है जब AVAIL=NULL हो और हमें insertion करना हो अर्थात linked list पूरा भरा हो।


Applications of Linked Lists in Hindi:

Linked list एक महत्वपूर्ण एवं उपयोगी data structure होता है। इसका उपयोग निम्नलिखित कार्यो के लिए किया जाता है:

1. Creating Dynamic List:

Linked list एक ऐसा data structure है जिसमें data को dynamic तरीके से store करके रख जा सकता है। यदि program में बहुत अधिक सख्या में data को store करके रखना है और यह ज्ञात नही है कि data की संख्या कितनी होगी तो ऐसी स्तिथि में linked list का उपयोग करना आवश्यक हो जाता है क्योंकि data की सँख्या एक हजार, पचास हजार या लाखों में भी हो सकती है।

2. Creating Stack:

Stack एक ऐसा data structure है जिसमें जिस ओर से data को insert किया जाता है उस ओर से ही delete भी किया जाता है। इसका प्रयोग गणितीय equations एवं expressions को हल करने के लिए किया जाता है। Linked list की सहायता से stack तैयार कर सकते हैं।

3. Creating Queue:

Queue एक ऐसे data structure है जिसमें एक ओर से data को insert एवं दूसरी ओर से उसे delete किया जाता है। इसका प्रयोग processor के लिए process scheduling में किया जाता है। Linked list की सहायता से queue तैयार कर सकते हैं।

4. Creating Tree:

Tree एक ऐसा data structure है जिसमें data को एक उल्टे (inverted tree) की शाखाओं की तरह main data, sub data आदि के रूप में store किया जाता है। इसका प्रयोग directory structure को बनाने में किया जाता है। Linked list की सहायता से tree तैयार कर सकते हैं।

5. Creating Graph:

Graph एक ऐसे data structure है जिसमें data को एक दूसरे से संबंधित करके रख जाता है। इसका प्रयोग network structure जैसे- Maps आदि को बनाने में किया जाता है। Linked list की सहायता से graph तैयार कर सकते हैं।


Different Between Array and Linked Lists in Hindi (Array और Linked Lists में अंतर):

Array

Linked List

(1) Array के elements के मध्य linear relation memory location की सहायता से दिया जाता है। (1) Linked List के nodes के मध्य linear relation pointer की सहायता से दिया जाता है।
(2) Array में element का index होता है। (2) Linked List में nodes का index नही होता है।
(3) Array के किसी भी element को direct access किया जा सकता है। (3) Linked List के किसी भी nodes को direct access नही किया जा सकता है।
(4) Array के element successive या consecutive memory location में store होता है। (4) Linked List के nodes successive या consecutive memory location में store नहीं होता है।
(5) Array का size पहले से ही fix होता है जिसे run time में परिवर्तित नही किया जा सकता है। इसमें static memory allocation होता है। (5) Linked List का size पहले से ही fix नहीं होता है जिसे run time में आवश्यकता के अनुशार परिवर्तित किया जा सकता है। इसमें dynamic memory allocation होता है।
(6) Array में insertion एवं deletion करने के लिए बहुत अधिक elements को move करना पड़ता है जिससे समय खर्च होता है। (6) Linked List में insertion एवं deletion करने के लिए बहुत अधिक node को move करना नहीं पड़ता है जिससे समय की बचत होती है।
(7) Array में elements को store करने के लिए कोई अतिरिक्त memory आवश्यकता नही होती है। (7) Linked List में प्रत्येक nodes को store करने के लिए कोई अतिरिक्त memory आवश्यकता होती है।


Linked List Data Structure in Hindi


हमनें क्या-क्या सीखा जानें:

  • Linked List क्या हैं?
  • Types of Linked List in Hindi: Singly Linked List, Circular Singly Linked List, Doubly Linked List, Circular Doubly Linked List.
  • Representation of Linked List in Memory:
  • Applications of Linked Lists in Hindi:
  • Different Between Array and Linked Lists in Hindi:


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